मैं ख़्वाब लिखूंगा कि प्यार कैसे बर्बाद होता है
शामे कटती नहीं और साल गुज़रते चले जा रहे है!
हमे तो अपनी किस्मत पर भरोसा कुछ इस कदर है,
खुली खर्राटे, बंद होंठ, उखड़ी सांसें और गुस्से की गुर्राहट۔
एक ख्वाहिश थी के जिंदगी तेरे साथ गुजरे
हम अकेले रह गए, असहाय हो गए, यही नियति है
निगाहों में वही लोग हैं बसते जिनके लिए हम तरसते।
यूं तो फरिश्तों ने भी एक फ़रिश्ते का साथ छोड़ दिया
हम हारि हुई बाजी को भी जीत लिया करते है ।।
मैं तुझे चाहता हूँ ❤️ तेरा साथ देने के लिए!
तेरी हँसी में मुझे मेरा प्यार नजर आता है।”
पुराण साल सबसे Trending Shayari हो रहा है दूर,क्या करे यही हैं कुदरत का दस्तूर,बीती यादें सोच कर उदास ना हो तुम,करो खुशियों के साथ नए साल को मंजूर.